हस्तरेखा मतलब हाथ की रेखाएं, आकृतियों, चिह्न, लक्षण, तिल, हाथ की संरचना, रंग आदि के आधार पर व्यक्ति के स्वभाव, व्यक्तित्व और भविष्य के बारे में अनुमान लगाया जा सकता है. इससे व्यक्ति की आर्थिक स्थिति, स्वास्थ्य, करियर, शिक्षा, परिवार, उसके जीवन में आने वाले दुख-सुख, घटनाओं जैसी अनेकों जानकारियां मिलती हैं. हर एक रेखा के बारे में जानना रोचक होता है, और अधिकत्तर रेखाएं जो नियत दिशा में हों तो उसे हस्तरेखा में शुभ माना गया है. इन रेखाओ के अलग अलग नाम है जैसे सूर्य रेखा, भाग्य रेखा, भगवान विष्णु रेखा, हृदय रेखा। विशेषतः जिन लोगों के हाथ में भगवान विष्णु रेखा होती है, वे बेहद सौभाग्यशाली होते हैं ऐसी मान्यता है।
हथेली में कहां होती है और कैसे ढूंढें इन रेखाओं को जैसे कि विष्णु रेखा?
जब हृदय रेखा से एक रेखा निकलकर गुरु पर्वत की तरफ जाए और हृदय रेखा 2 भागों में बंटती हुई दिखे तो उसे विष्णु रेखा कहते हैं, उसे हम सौभाग्यशाली मान सकते हैं। इन व्यक्तियों पर भगवान विष्णु और मां लक्ष्मी की विशेष कृपा रहने की प्रबल संभावना है तथा अच्छे पद, सुख-समृद्धि से भरपूर जीवन यापन करने की संभावना रहती है। समाज में सम्मान और प्रतिष्ठा भी प्राप्त करते हैं।
(Disclaimer: यहां दी गई जानकारी सामान्य मान्यताओं और जानकारियों पर आधारित है.)
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