इसके मूल में नकद पैसा हमेशा बड़ी भूमिका में अपना काम करता रहा है। नकद रुपया अनेकों तरफ से राष्ट्रीय अर्थव्यवस्था को नुकसान पहुंचाती रही। 10 रुपए के नोट से लेकर 2000 रुपए के नोट की छपाई में 1.20 रुपए से लगभग पांच रुपया तक की खर्च हो जाता है। नकली नोटों का व्यवसाय भी खूब फलता फूलता रहा। जिसके नाते नशा ( ड्रग्स, जुआ, चरित्रहीनता, अंडरवर्ल्ड और लोकल डॉन) का व्यापार भी समाज को खोखला बनाता रहा।
परंतु 2016 की नोटबंदी ने एक नए भारत के उदय की तरफ अपने मजबूत कदम बढ़ाए। आज 2022 में 40% Transcations ऑनलाइन plateforms के माध्यम से शहर, गांव, देहात के लोग कर रहे हैं। ऐसे में करियर भी इसी दिशा में बनाना ज्यादे हितावह होगा।
डिजिटल इंडिया अब दुनिया के Cashless (Eg. Sweden, Canada, China...) देशों की श्रेणी में जाने का मन बना चुका है। इसीलिए
कॉमर्स (Commerce)
इकोनॉमिक्स (Economics)
बैंकिंग (FINANCE & Banking)
फाइनेंस से जुड़े विद्यार्थियों को आने वाले समय में डिजिटल इकोनॉमी
डिजिटल कॉमर्स
डिजिटल बैंकिंग
डिजिटल फाइनेंस
को सहर्ष स्वीकार करना होगा।
अभी भारत के CHIEF JUSTICE of Supreme Court (CJI) ने अपने व्याख्यान में कहा था, कि कोर्ट को डिजिटल भारत की समश्याओ को समझने के लिए तैयार होना होगा। इसीलिए:
LAW के क्षेत्र में फाइनेंस, कॉमर्स & इकोनॉमिक्स के विद्यार्थियों के लिए संभावनाओं के द्वार खुल चुके हैं।
Police Services में भी डिजिटल commerce/finance से जुड़ी आवश्यकताएं बढ़ेगी।
जैसा की हम जानते हैं भारत सरकार IPC में बदलाव लाकर डिजिटल भारत की आवश्यकताओं को सम्मिलित कर रही है, ऐसे में
फोरेंसिक साइंस में भी फाइनेंस & बैंकिंग
से जुड़े लोगों के लिए अपार संभावनाएं बनेंगी।
IT & COMPUTERS फाइनेंस & बैंकिंग को लेकर नए दुनिया का निर्माण करने लगीं हैं। ऐसे में कॉमर्स & फाइनेंस + IT /CSE एक बड़े combination की भूमिका में होगा।
इसीलिए PAYTM, WHATSAPP BUSINESS, GPAY, BHEEM... जैसे प्लेटफार्म तहलका मचाए हुए हैं।
आने वाले समय में DIGITAL INDIA भारत को भ्रष्टाचार & आतंकवाद मुक्त करने में सबसे बड़ा हथियार साबित होगा।
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