बुधवार, 29 नवंबर 2017

भारत २१वी सदी का विश्वगुरु बनने की राह पर चल चुका है, चारों तरफ TECHNOLOGY  DRIVEN  SOCIETY  की संरचना हो चुकी है, हर तरफ  ARTIFICIAL INTELLIGENCE, AUTOMATION BASED SYSTEM अपनी पकड़ मजबूत करते  जा रहे है, MEDICAL, PHARMACY, ARCHITECTURE, VISUAL ARTS, आयुर्वेद, HOMEOPATH, NATUROPATHY & योग, VOCATIONAL MEDICAL COURSES और बहुत सारे कोर्सेज जैसे  आर्ट्स,कॉमर्स, लॉ, मैनेजमेंट, कंप्यूटर, APPLIED SCIENCE  की बोलबाला है. दिन प्रतिदिन AGRICULTURE & DAIRY TECHNOLOGY एक नए दौर का आगाज़ कर रहे  है , यह समय है SCHOOLS और  UNIVERSITIES  मिलकर बदलते समय के साथ एक समाजलक्षी, विश्वविजेता प्रोफेशनल्स तैयार करे 
बेहतर कल के लिए आज PARUL UNIVERSITY  रिसर्च, CAREER COUNSELLING, TECHNICAL WORKSHOPS, STUDY TOURS, और विविध कार्यक्रमों के माध्यम से विध्यार्थियों व उनके GUARDIANS  को बेहतर SERVICES देने के लिए SCHOOLS से जुड़ना चाहती है, आइये हम सब एकसूत्र में जुड़कर VIBRANT  समाज बनाये  VIBRANT EDUCATIONAL WORLD  बनाये 

शनिवार, 11 नवंबर 2017

रमेश ने अपने बच्चे से पूछा कि आखिरकार तुम्हें करना क्या है?
पियूष (रमेश का बेटा) बोला पिताजी मुझे एक साल का ड्राप लेना है |
रमेश सबके बच्चे १२वी के बाद अलग अलग यूनिवर्सिटीज में दाखिला लेकर पढाई करने की तैयारी कर रहे हैं और तुम्हेँ ड्राप लेना है | कहीं दिमाग खराब तो नहीं हो गया है तुम्हारा ?
पियूष ने बड़ी  विनम्रता से अपने पिताजी का हाथ अपने हाथ  लेकर आँखें नीची रखकर  बोला ,पिताजी मै एक AVERAGE स्टूडेंट रहा हूँ, और मुझे कोई बहुत बड़ी यूनिवर्सिटी या कोर्स में एडमिशन नहीं मिलने वाला पिताजी , और जहाँ मिल रहा  है, वहाँ अगले साल भी मिलेगा ही |
रमेश ने प्यार दिखाते हुए पियूष से पूछा, तो फिर एक साल बिगाड़ने से अच्छा है, इसी साल ADMISSION क्यूँ ना ले लें?
पियूष ने धीरे से समझाते हुए कहा: पिताजी पढाई करने के बाद एक या दो साल JOB MARKET में भटकने से अच्छा है मैं अभी ६ महीने अलग अलग कोर्सेज के बारे में जानुं और एक सही कोर्स ढूंढकर उसमें ADMISSION अगले साल लूँ |
इन ६ महीनो में मैं थोड़ा बहुत READING HABIT बढ़ाऊंगा और अपनी पसंद, अपनी क्षमता को समझने की कोशिश करूँगा, मैं आपको विश्वास दिलाता हूँ कि मैं आपको निराश नहीं करूँगा|
अगले वर्ष पियूष ने एडमिशन लेने से पहले १२ जितनी अलग अलग NATIONAL व INTERNATIONAL AUTHORS की किताबें पढ़ीं, उसके CLASSMATES जिन्होंने विभिन्न UNIVERSITY में एडमिशन लिया था, उन सबसे मिलकर  विभिन्न SPECIALISATIONS के बारे में जाना, और अगले साल उसने अपने मनपसंद कोर्स में एडमिशन लिया |



करियर एक सही चुनाव 

समीर एक फैक्ट्री में fitter के तौर  काम करता था, अपनी छोटी सी income में अपने लड़के (जो १०वी में पढ़ रहा था) और उसकी बेटी जो अभी (५वी में पढ़ती थी),  उनके लिए सही कोर्सेज क्या होंगे इसपर सोचता रहता था, इसी बीच एक दिन उसके घनिष्ट मित्र का एक्सीडेंट होने के नाते उसे हॉस्पिटल जाना पड़ा, हॉस्पिटल में बहुत सारे लोगों को काम करते  देख उसे बहुत उत्सुकता हुई की आखिर ये लोग कैसे यहाँ काम करते हैं, उसने एक nurse से पूछा की आपने क्या पढाई की है, नर्स ने बताया की मैंने B.Sc Nursing का course किया है, समीर को जानना था, आखिर क्या लड़के नर्सिंग कर सकते हैं?

इस सवाल का जवाब  जानने के लिए, वो नर्सिंग कॉलेज पहुँच गया, उसे जानकार बहुत ताजुब्ब हुआ की नर्सिंग में लड़को के  लिए भी खूब scope है, १२वी के बाद Biology ग्रुप के students के लिए नर्सिंग २ साल का , ३ साल का , ४ साल का होता है|

समीर ने अपने लड़के को १२वी के बाद का ४ साल वाला nursing कोर्स करवाया और आज उसका लड़का UK में खुद का हॉस्पिटल चलाता है और बड़े बड़े Doctors, उसकी हॉस्पिटल में प्रैक्टिस करते  है