शनिवार, 14 मई 2022

BOLLYWOOD की भगवदगीता के विरुद्ध क्षडयंत्र

Bollywood ने हमेशा ही भारतीय परंपरा और संस्कृति विरुद्ध अभियान करते रहे हैं। जिसमें सबसे बड़ी साजिश रही समाज, परिवार, रिश्तेदारों, गांव, मुहल्ला और बड़े बुजुर्गों से दूर रहने और रखने की सबसे कारगर तरीका रहा *क्या कहेंगे लोग, सबसे बड़ा है रोग*
भारतीय संस्कृति की सबसे मजबूत स्तंभ रहा है सामाजिक नियमों को एकसुत्रता में पिरो कर रखना। 
उपनिषदों, पुराणों, रामायण और महाभारत में अनेकों वचन और शपथ लोगों को पूर्वजों की आत्माओं को साक्षी मानकर लिया गया है। 
राजा हरिश्चंद्र, नचिकेता, भीष्म पितामह, भीम जैसे अनेकों लोगों द्वारा ली गई प्रतिज्ञाएं इसका उदाहरण हैं। 
मेरा वचन ही मेरी पहिचन है, मेरे कार्य ही मेरा अस्तित्व है। यह रही है हमारे पूर्वजों और भारतीय संस्कृति की वास्तविक स्वरूप। भगवान श्रीकृष्ण ने भगवदगीता में कहा है: 

यद्यदाचरति श्रेष्ठस्तत्तदेवेतरो जन:।
स यत्प्रमाणं कुरुते लोकस्तदनुवर्तते॥

जैसा जैसा समाज और परिवार के बड़े बुजुर्ग करते हैं वैसा वैसा ही उनको अपना आदर्श मानने वाले भी अनुकरण करते हैं follow करते हैं। 

आज समाज में जो Behavioural, Ethical & Moral प्रश्नों को लेकर को चिंताएं बढ़ रही हैं, उसके पीछे, बॉलीवुड और leftists के यही विधवंशक विचार और क्षदयंत्र है। 

आइए अपने परिवार, पूर्वजों और सामाजिक मूल्यों को अपनाएं और श्रेष्ठ जीवन जिएं।

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