शनिवार, 7 मई 2022

गिरता बॉलीवुड उभरता सांस्कृतिक भारत


प्रत्येक चीज की आयु निश्चित है। इसीलिए एक निश्चित अवधि में सर्वोत्तम कार्य कर लेना ही बुद्धिमत्ता है। चाहे वो व्यक्ति हो या संस्था। 
#बॉलीवुड ने अपने स्वर्णिम काल में #माफियाओं, #गैंगस्टर्स और समाज के वांछित तत्वों का साथ देना अनुकूल समझा। समय के साथ समय ने उनके कर्मों का हिसाब देना प्रारंभ किया है। 
#गुटकासेवन, #धूम्रपान, #ड्रग्ससेवन, #मदिरापान, #वैश्यावृति, #नग्नता, #धर्मविरोधी, #संस्काररहित आचरण और अमानवीय विचारों का प्रतिपादन करने में बड़ी भूमिका रही है बॉलीवुड की। 
आज समय ने उनके पतन की कहानी लिखनी प्रारंभ कर दी है। एक समय लाखों की संख्या में #युवा बॉलीवुड को अपने जीवन का #करियर #लक्ष्य मानता था, परंतु, आज युवाओं ने उनसे मुंह लगभग मोड़ लिया है। 
#सोशल मीडिया ने, #डिजिटल प्लेटफार्म ने बॉलीवुड का sabstitute बनना प्रारंभ कर दिया है। 
अनेकानेक कोर्स के माध्यम से व्यक्ति को #क्रिएटिव फील्ड मे जाने का अवसर मिल सकता हैं। कुछ कोर्सेज इस प्रकार हैं:
#PHOTOGRAPHY
#ARCHITECTURE
#FILM MAKING 
#DESIGN
#UI/UX DESIGN 
#AUTOMOBILE DESIGN
#ADVERTISING 
#CONTENT WRITING 
#RADIO JOCKEY 
#VIDEO JOCKEY
#ANCHORING  
#Languages Expertise
#Voice makeover
#Animation 
#VFX 
#PERFORMING ARTS
#FINE ARTS 
#EVENT MANAGEMENT
#TOURISM 
#Music & Dance
जहां #advertising की दुनिया में कुछ सितारों का ही बोलबाला था, क्रिएटिविटी का स्कोप बहुत कम था, आज एडवरटाइजिंग में सितारों की गिरती लोकप्रियता creativity के लिए अनेकों द्वार खोल चुका है।
बॉलीवुड का पतन प्रांतीय #भाषाओं, #कलाओं, #स्थलों, #भेषभूषा, #लोक संस्कृति और #लोक संगीत को भी स्थान दे रहा है। 
बॉलीवुड का पतन समूचे राष्ट्र के अनेकों राज्यों की दबी हुई art, creativity को उभरने संभावना है। #अंतर्राजीय #प्रतिस्पर्धा नए नए विकल्पों को स्थान भी देगा।  

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