दो अर्जुन अवार्ड्स विजेताओं के साथ विद्यार्थियों को संबोधित करने का अवसर मिला। दीपक जिनके बचपन में ही माता पिता का स्वर्गवास हो गया और अपनी बड़ी बहन और उनके बच्चों की जिम्मेदारी भी निभाते हुए एक स्कूल। में पढ़ाते हुए स्वयं को कबड्डी के लिए तैयार किया बिना किसी coach या मार्गदर्शन के स्वयं को भारत के सबसे बड़े खिलाड़ी पुरस्कार तक ले गए। ऐसे अर्जुन पुरस्कार विजेता श्री दीपक हुड्डा जी को नमन।
श्री अमित कुमार सिरोहा ने 19 वर्ष पूर्व एक्सीडेंट में व्हीलचेयर पर आ गए। राष्ट्रीय स्तर का यह खिलाड़ी शारीरिक अक्षमता को क्षमता में बदलते हुए अर्जुन अवार्ड तक पहुंचे। अमित सिरोहा जी के विलक्षण कार्य हेतु जितना गौरवान्वित हो सकें उतनाही काम है। आपने विश्व कीर्तिमान स्थापित किए दो दो बार।
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